इसी तरह, अगर आप नौकरी की तलाश में हैं तो आपको पता होना चाहिए कि सबसे पहले किस शहर जाना है। अध्ययनों के अनुसार, बेंगलुरु आज भी सभी उद्योगों में नियुक्ति के लिए शीर्ष स्थान पर है। जूनियर स्तर की लगभग 29.35% नौकरियां इस शहर में तेजी से बढ़ते टिकाऊ सामान, दूरसंचार, बुनियादी ढांचे और निर्माण, ऊर्जा, यूटिलिटी और खुदरा जैसे क्षेत्रों से आ रही हैं। मध्यम स्तर की नियुक्तियों में भी बेंगलुरु का योगदान सबसे अधिक 38.16% है, वहीं सीनियर स्तर की नियुक्तियों में इसका प्रतिशत 35.87 है।
हमें हमेशा ऐसे शहरों की तलाश करनी चाहिए, जहां सरकारी या निजी इनिशिएटिव्स उसके रूपांतरण में योगदान देते हों, जिससे वहां विभिन्न क्षेत्रों में नई नौकरियां पैदा होती हों। मुंबई के समीप ठाणे, गुजरात में वडोदरा, राजस्थान में जयपुर, दिल्ली में एनसीआर, तमिलनाडु में कोयंबटूर, यूपी में लखनऊ के साथ ही चंडीगढ़ और मोहाली जैसे शहरों का ही उदाहरण लें। ये सभी स्तरों के लिए प्रतिभाओं का केंद्र बन चुके हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इनमें से हरेक की कुछ न कुछ खासियत है।
मिसाल के तौर पर, ठाणे निर्माण और बुनियादी ढांचे के लिए जाना जाता है क्योंकि मुंबई में अचल संपत्ति की कीमतें बहुत अधिक हैं। यही कारण है कि अधिकांश लोग काम तो मुंबई में करते हैं लेकिन आवास ठाणे में खरीदते हैं। इसी तरह कोयंबटूर- जो ऑटोमोबाइल बाजार के लिए जाना जाता है- सेवानिवृत्त लोगों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करता है।
टियर-2 और टियर-3 बाजारों में उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता में लगातार वृद्धि को देखते हुए देश के इन दूरदराज के इलाकों में रोजगार-सृजन बढ़ रहा है, खासकर खुदरा क्षेत्र में बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए। अगर आप रिटेल में करियर तलाश रहे हैं तो किसी अन्य इंडस्ट्री में शिफ्ट होने से पहले अपने शहर या ऊपर बताए गए शहरों पर नजर डालें।
फंडा यह है कि “आगे क्या करना है’, यह जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि यह मालूम होना कि कड़ी मेहनत कैसे करें!
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