पीयूष ने कहा, "अंकल, आज शाम 6.30 बजे का शो है, मैंने ऑनलाइन टिकट बुक कर लिए हैं। शाम 5.30 बजे ऑफिस से निकलकर उसे लेने जाऊंगा और सीधे थिएटर चला जाऊंगा।' उनकी बात सुनकर डॉ. सुरेश ने कहा, "अब मैं जो कहूंगा, वही करोगे?' पीयूष मना नहीं कर सकते थे, क्योंकि डॉ. सुरेश उनके पिता के सबसे अच्छे दोस्त थे। इसलिए उन्होंने बस सिर हिला दिया।
डॉ. सुरेश ने आगे कहा, "शाम 5.30 बजे अपना मोबाइल फोन बंद कर दो और शाम 6.30 बजे तक बंद रहने दो। शाम 6.30 बजे अपना मोबाइल चालू करो और चारु को फोन करो। उससे कहो कि कुछ जरूरी कारणों से तुम्हें फिल्म देखने जाना रद्द करना पड़ा और माफी मांगो।
रात 8 बजे से पहले घर नहीं जाना। घर पर तुम्हारा जिस तरह से अभिवादन किया जाएगा, वह उसके स्वभाव को परखने का थर्मामीटर होगा। टिकट की कीमत की चिंता मत करो, वो मैं दे दूंगा। लेकिन कल तक उसे इस आइडिया के बारे में मत बताना।'
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